गोरक्षनगरी में आहूत बैठक में कायस्थ शिरोमणी रतन ने दहाड़ा,बिना एक हुए कायस्थ समाज को स्थापित करना संभव नही
गोरक्षनगरी में आहूत बैठक में कायस्थ शिरोमणी रतन ने दहाड़ा,बिना एक हुए कायस्थ समाज को स्थापित करना संभव नही
समाचार: गोरखपुर में आयोजित अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष इंद्रसेन श्रीवास्तव जी ने की और अपने विचारों को संगठन के पदाधिकारियों से साझा किया।
उन्होंने कायस्थ शिरोमणी रतन श्रीवास्तव को अन्य मंडल की जिम्मेदारी भी सौंपी और कहा आदरणीय छोटे भाई रतन सिर्फ नाम के ही नही बल्कि अपने कार्यशैली से अपने नाम को चरित्राथ किया है ये वास्तव में प्रदेश के रतन है इनके नेतृत्व में कायस्थ समाज जो एकता के स्वरूप को पाया है वह काबिले तारीफ़ है।आगे उन्होंने भाजपा का धन्यवाद दिया की आज कायस्थ कुल के नवीन नितिन जी को राष्ट्रीय नेतृत्व सौंपा गया है ।
समीक्षा के क्रम में प्रदेष महामंत्री श्याम मोहन श्रीवास्तव जी ने जनपद बस्ती , संतकबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, सिद्धार्थनगर आदि जनपदों से आए जिलाध्यक्षों से संगठन संबंधित चर्चा की और अत्यधिक सदस्यता अभियान पर जोर दिया।
प्रदेश उपाध्यक्ष कायस्थ शिरोमणी रतन श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने चिरपरिचित अंदाज का परिचय दिया और राजनैतिक पार्टियों को हिदायत की यदि कायस्थ समाज को अनदेखा किया गया तो इसका परिणाम भयावह होगा हम कायस्थ कुल वंशज अपने अधिकारी लेना जानते हैं और किसी का गुरूर तोड़ना भी जानते है इतिहास के पन्ने हमारे पूर्वजों द्वारा सामाजिक कार्यों से भरे पड़े है, इसके आगे ही उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नवीन नितिन आग्रह किया की कायस्थ होने के नाते अपनी नैतिक जिम्मेदारी जरूर निभाए और कायस्थ कुल को राजनैतिक पेल्टफार्म उपलब्ध कराए।, श्री रतन ने कहा एकता बनाए रखने के सिवा कोई अन्य विकल्प नहीं है कायस्थ समाज को पुनः समाज की अग्रणी भूमिका में स्थापित करने। केलिए अत : सारे आपसी गीले सिकवे भुला कर एक होना ही पड़ेगा।