सप्तऋषि कार्यक्रम होगा ऐतिहासिक - वाहिनी प्रमुख
लखनऊ : आगामी 7 जून को पटना में अंतराष्ट्रीय कायस्थ वाहिनी प्रमुख गुरूदेव पंकज भईया कायस्थ के नेतृत्व में सप्तऋषि सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में विचार गोष्ठी भी होगी। जिसमें कायस्थ एकता,भगवान् श्री चित्रगुप्त जी के प्रति आदर भाव मत भी लिए जाएंगे।
उक्त बातों की जानकारी राष्ट्रिय अध्यक्ष युआ प्रवीण श्रीवास्तव ने दी।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम इस वर्ष पटना में आयोजित होना सुनिश्चित हुआ है. उन्होने यह भी कहा कि हमारे गुरूदेव पंकज भैया सभी कायस्थों को एकजुट करने के व सर्वसमाज हितैैषी संकल्प के साथ भारत सहित अनेकों देेशों की यात्रा कर रहे हैं।
इस विश्व चर्चित आयोजित कार्यक्रम में विश्व के सात प्रतिभााशाली अतिविशिष्ट कायस्थ कुलवंशजों को सप्तऋषि सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। सप्तऋषी कोर कमेटी का कार्य सप्तऋषि सम्मान समारोह में चुने गये सप्तऋषियों में साहित्यजगत, चिकित्सा जगत व भगवान् श्री चित्रगुप्त जी के अनन्य भक्त व सेवक को देने का प्रावधान है।
जिनमें क्रमशः 1-कवि या लेखक, 2- चिकित्सा जगत से तथा 3- प्रभु चित्रगुप्त के प्रगटोत्सव पर प्रभु की महिमा को प्रसारित व प्रचारित करने व 4- विदेशों में जनकल्याणकारी कार्य व कायस्थहित में सेवायें देकर कायस्थों की प्रतिभाशीलता व एकता का बिगुल फूंकने वाले लोग होते हैं। इनमें योग्य प्रतिभागियों का चुनाव कायस्थ वाहिनी अंतर्राष्ट्रीय की 11 सदस्यीय कोर कमेटी द्वारा किया जाता है।
सप्तऋषी समारोह के पुरस्कारों के नाम सप्तऋषी सम्मान समारोह में चुने गये सप्तऋषियों को सप्तऋषी अवार्ड देने के अतिरिक्त समाज में अपना अभूतपूर्व योगदान देने वाले उस व्यक्ति को जो अपनी मेहनत से व्यक्ति से उठकर व्यक्तित्व तक जा पहुंचा हो उनके सम्मान में उन्हें वाहिनी द्वारा कायस्थ भास्कर पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है।
सप्तऋषी सम्मान समारोह के अतिथिगण इस वर्ष के भव्य सप्तऋषी सम्मान समारोह 7 जून 2020 दिन रविवार को लखनऊ में प्रस्तावित कार्यक्रम में विगत वर्षों की तरह पूूूरे भारत के विभिन्न शहरों, गांवों समेत विदेशी राष्ट्रों जैसें- लन्दन, चीन, कतर, घाना, बेल्जियम नेपाल, दुबई , नाइजीरिया , मलेशिया सहित अन्य कई राष्ट्रों से कायस्थकुलवंशज अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस आयोजन की भव्यता बढ़ाकर, सफल बनाते हैं।
इस वर्ष का चुनाव - वाहिनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष प्रभु चित्रगुप्त का प्रगट उत्सव जिसे वाहिनी प्रमुख की बीस वर्ष की तपस्या के तहत आज पूरे विश्व भर में चैत्र पूर्णिमा के शुभदिन बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया, जिसमें भगवान् श्री चित्रगुप्त जी के अवतरण महापर्व की महत्ता पर आधारित एक मौलिक लेख लिखने का आवाह्न किया गया था। जिसमें 252 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं जोकि भगवान् श्री चित्रगुप्त जी में आस्था का प्रतीक है।
कोर कमेटी द्वारा सभी लेखों के पढ़ने के उपरांत एक लेख को बहुत सराहना मिली। उस महानविचारक एवं लेखक को भी इस भव्य सप्तऋषी के मंच पर सम्मानित किया जायेगा।
आप इस कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि इस कार्यक्रम में दर्जनों देशों के गणमान्य अतिथियों के पहुंचने की सम्भावना जतायी जा रही है जो स्वंय में एक रिकार्ड होगा।
गौरतलब हो कि कायस्थ वाहिनी अंतर्राष्ट्रीय के आत्मविश्वासी कदम सप्तऋषी अवार्ड को विश्व चर्चित वर्ल्ड गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड से आगें की यात्रा करने पर प्रयासरत् हैं।
इस मीटिंग में राष्ट्रीय सचिव डॉ शौरभ सिन्हा जी व बी के श्रीवास्तव , अजय श्रीवास्तव , अम्बेश श्रीवास्तव दुर्गेश श्रीवास्तव , प्रणव श्रीवास्तव, अभिजीत श्रीवास्तव , संगठन सचिव उत्तर प्रदेश मणिशंकर सिंन्हा, आशीष श्रीवास्तव तथा बसंत लाल सहित आयोजन समिति और कोर कमेटी के सभी सदस्य उपस्थित रहे ।
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रिपोर्ट -समीप श्री.