पिता की पुण्यतिथि पर कुष्ठरोगियो में भोजन अँगवस्त्र व दैनिक उपयोग के सामान वितरण कर ,श्रद्धांजलि अर्पित की
पिता की पुण्यतिथि पर कुष्ठरोगियो में भोजन अँगवस्त्र व दैनिक उपयोग के सामान वितरण कर ,श्रद्धांजलि अर्पित की
ग़रीबो और जरूरतमंदों के काम आना और उनके लिए कुछ कर गुजरने का जुनून सबको नही होता, जीवन की आपाधापी में लोग कुछ इस कदर व्यस्त है कि अपने सिवा औरों के बारे में सोचने का फुरसत ही नही है।
पर समाज मे चंद लोग ऐसे भी है जो समय समय पर इन ग़रीबो और जरूरमंद लोगो के काम आ जाते है और इनके दुःख दर्द के बारे सोचते है , ऐसा ही एक परिवार है स्व. सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव का जिनके प्रथम पुण्यतिथि पर उनके होनहार बेटों ने पिता को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए कुष्ठरोग आश्रम में जाकर वहाँ के लोगो को भोजन की व्यवस्था की साथ ही उन्हें वस्त्र प्रदान किया और दैनिक उपयोग के सामान जैसे टार्च , छाता आदि भी उन्हें दिया।
उनके बेटे श्री विजय श्रीवास्तव जो कि दिल्ली राज्य में न्याय विभाग में कार्यरत है उन्होंने कहा कि , कुष्ठ रोग से पीड़ित इन लोगो के लिए अगर हम कुछ भी कर पाए तो इससे अच्छा और क्या हो सकता है ,अपने लिए तो हर कोई जी रहा है पर इन लोगो के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाना जरूरी है। आगे वो अपने पिता के बारे में बताते है मेरे पिता जी स्व. श्री सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव जी हमेसा ग़रीबो के प्रति स्नेह रखते थे और नियमित रूप से अपने वेतन से एक फिक्स धनराशि ग़रीबो के हितार्थ खर्च करते थे। इसी लिए हमने उनके प्रथम पुण्यतिथि पर हम लोग कुष्ठ आश्रम आकर इन लोगो के लिए भोजन ,अँगवस्त्र , व अन्य जरूरी सामान दिए ताकि पिता जी के आत्मा को शांति मिले।
इस अवसर पर उनके पुत्र संजय श्रीवास्तव भी मौजूद जो कि रेलवे में ठेकेदार है उन्होंने कहा कि हमारे पिता जी सादगी पूर्ण जीवन बिताये क्यो और एक ज़मीनी इंसान थे जो अपने स्तर से हमेसा दीन दुखियारों की मदद करते रहते थे।
तय कार्यक्रम के अनुसार सभी लोग गोरखपूर के 10न बोरिंग पर स्थिति कुष्ठाश्रम पहुँचे थे ओर वहाँ पर मौजूद सभी जानो को भोजन ,वस्त्र ,फल , व अन्य दैनिक उपयोग के जरूरी सामान प्रदान किया।
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