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कचरा मुक्त भारत बनाना हम सभी का उत्तरदायित्व-सोनिया

कचरा मुक्त भारत बनाना हम सभी का उत्तरदायित्व-सोनिया


सन्तकबीरनगर:- राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद संत कबीर नगर की व्यायाम शिक्षिका सोनिया ने बताया कि घर के सूखे,  सड़े- गले बेकार, तथा खाने के बचे हुए पदार्थ कई प्रकार के होते हैं  जैसे- रद्दी कागज, पुराने शीशे,लकड़ी के गुटके, जूठन ,यह सब सूखा कचरा है। इसके अतिरिक्त फल, सब्जियों के छिलके,  व  सड़े फल सब्जियां, रसोईघर के अन्य फेंकने योग्य पदार्थ सभी गीला कचरा है। और घरेलू कचरे से हमारा वातावरण प्रदूषित होता है। शहरों में घरेलू कचरा एक बड़ी समस्या का रूप ले चुका है रोजाना होटलों, तथा अन्य व्यवसायिक स्थानों से लाखो टन कचरा उत्पन्न होता है। जिसमें कागज, गत्ते, प्लास्टिक, पॉलिथीन के पैकेट, धातु, सड़ी- गली  सब्जियां सम्मिलित होती हैं। नगर निगम तथा नगर पालिका द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर डस्टबिन रखकर कचरा इकट्ठा किया जाता है और फिर उसे बाहर एक निश्चित स्थान पर फेंक दिया जाता है। जहां यह सड़ता  रहता है और इस कचरे के सड़ने से दुर्गंध उत्पन्न होती रहती है। जिससे मक्खी- मच्छर उत्पन्न होते हैं इससे पैदा होने वाले बैक्टीरिया तथा वायरस हवा में पानी में मिलकर शहर में ही नहीं बल्कि छोटे-छोटे कस्बों, में  संक्रामक बीमारियां फैलाते हैं। जिससे अनेक प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं  इन परेशानियों से बचने के लिए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम घरेलू कचरे को ठीक तरीके से एकत्रित करें और अलग-अलग डस्टबिन में रखें जिससे उसका सही प्रबंधन किया जा सके घरेलू कचरे के प्रबंधन को लेकर अनेक कार्य किए जा सकते हैं  जैसे कचरे से खाली गड्ढों को भरना, शहर से दूर ले जाकर बैक्टीरिया द्वारा खाद का निर्माण करना, कचरे को बड़ी-बड़ी भट्टी में जला देना ,कचरा जलाने के बाद शेष अवशेष से सड़क निर्माण कार्य करना।   इस समस्या के निस्तारण के लिए आम जनमानस में जागरूकता लान, उनको यह समझाना होगा कि बाहर खुले में इस तरह से फेंके गए कचरे के सड़ने पर होने वाली बीमारियां हमारे स्वास्थ्य को ही हानि पहुंचाएंगे।  घरेलू कचरे को उत्पन्न होने से नहीं रोका जा सकता है लेकिन इनकी उचित प्रबंधन के द्वारा समाधान जरूर निकाला जा सकता है ।ग्रामीण क्षेत्र में कचरा निस्तारण की विधियों में खाद बनाना, तथा वर्मी कल्चर को अपनाया जा सकता है। स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य सिर्फ हमको अपने आसपास की सफाई ही नहीं है इसके लिए हम प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, कचरे का उचित निस्तारण करें, शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराकर उनका उपयोग करना चाहिए आदि बातों पर विशेष ध्यान देकर स्वच्छ भारत का निर्माण कर सकते हैं  देश को स्वच्छ बनाने में हम अपना योगदान दे सकते हैं। स्वच्छ भारत के निर्माण में हमको कुछ बातों पर विशेष ध्यान रखना होगा जैसे प्लास्टिक का इस्तेमाल ना करें तथा प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग कम से कम करें। बाजार जाते वक्त अपने हाथ में थैला ले जाने की आदत डालें। जिससे प्लास्टिक घर में काम आएगी। अपने दैनिक जीवन में भी हम यही कोशिश करें कि प्लास्टिक के इस्तेमाल का कम से कम करें। स्वच्छ भारत बनाने का संकल्प लें और अन्य लोगों में जागरूकता फैलाएं ।अपने आसपास प्लास्टिक का उपयोग तथा उसके कम इस्तेमाल को लेकर चर्चा परिचर्चा करें ।प्लास्टिक कचरा अलग अलग करके प्लास्टिक रीसायकल सेंटर पर पहुंचाने की व्यवस्था करें। प्लास्टिक को जलाए नहीं इसे जलाना भी पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है ।मिट्टी के पारंपरिक बर्तनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दें। प्लास्टिक के बने सामानों का इस्तेमाल कम से कम करने की कोशिश करें। प्लास्टिक का विकल्प खोजने का प्रयास करें ।हमारे देश के सजग कर्मवीर सफाई कर्मी के बिना तो स्वच्छ भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती हैं। कोविड-19 में जब हम आप अपने -अपने घरों में सुरक्षित हैं ऐसी स्थिति में हमारे कर्मवीर  अपने कर्तव्य के पालन में तत्परता से लगे हुए हैं और सफाई करके corona वायरस के खतरे को कम करने के प्रयास   में जुटे हैं ।यह हम जनता के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना लगातार अपना कार्य कर रहे हैं ।सही मायने में यही सफाई के सच्चे सिपाही हैं। कोरोना वायरस के बीच सीधे जोखिम लेते हुए यह जंग लड़ रहे हैं। जिसमें बहुत से सफाई कर्मी sanitizer छिड़काव और स्प्रे का कार्य कर रहे हैं। कुछ सफाई कर्मी कचरागाड़ी के साथ कूड़ा निस्तारण के कार्य में लगे हुए हैं ।पूरा देश कोरॉना से बचा व की लड़ाई लड़ रहा है। इस परिस्थिति में इन कर्म वीरों का योगदान अतुलनीय है इनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है क्योंकि इनका कार्य सराहनीय है। हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम इनकी हर संभव मदद करें और इन्हें सम्मान दें इन्हें विभिन्न स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाना चाहिए ताकि इनका मनोबल बढ़ सके। ऐसे कर्म वीरों को शत शत नमन है जो इस विपरीत और विकट परिस्थिति में अपनी जान को जोखिम में डालकर सफाई जैसा महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैंअपने आसपास तथा देश को स्वच्छ बनाने की मुहिम में जुड़कर ही हम अपने देश की सच्ची सेवा कर सकते हैं।

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