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कोरोना काल में मरीजों के लिए वरदान बना टेली मेडिसिन सेण्‍टर

कोरोना काल में मरीजों के लिए वरदान बना टेली मेडिसिन सेण्‍टर

-    एक माह में 335 मरीजों का सीएचसी खलीलाबाद में इलाज
-    विगत 10 दिनों में आए विभिन्‍न रोगों के 120 मरीज



खलीलाबाद के बंजरिया मुहल्‍ले के निवासी 25 वर्षीय अवनीश पाण्‍डेय को काफी दिनों से सिर दर्द की शिकायत थी। वे सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खलीलाबाद पहुंचे और इमरजेंसी में अपनी समस्‍या बताई। चूंकि वहां पर वर्तमान में कोई फिजिशियन नहीं था, इसलिए चिकित्‍सक ने उनको टेली मेडिसिन सेण्‍टर के लिए रेफर कर दिया। उन्‍होने वहां पर इलाज कराया। नतीजा यह है कि अब वे राहत महसूस कर रहे हैं। इसी तरह से घुटने में दर्द से परेशान 50 वर्षीया उषा देवी तथा अधकपारी से परेशन 23 साल की सरोज पाल भी निरन्‍तर टेली मेडिसिन के जरिए ही अपना इलाज करा रही हैं।

कोरोना काल के दौरान सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खलीलाबाद के टेली मेडिसिन सेण्‍टर के प्रति मरीजों की जागरुकता बढ़ी है। विगत 1 माह में 335 मरीजों ने इस केन्‍द्र में इलाज के लिए रजिस्‍ट्रेशन कराया है। टेली मेडिसिन सेण्‍टर का प्रभार देख रहीं स्‍टाफ नर्स वन्‍दना सिंह बताती हैं कि सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खलीलाबाद के चिकित्‍सक मरीजों को इलाज के लिए पहले टेलीमेडिसिन सेण्‍टर को ही रेफर करते हैं। कोरोना काल में टेली मेडिसिन सेण्‍टर पर आने वाले मरीजों की संख्‍या बढ़ी है। पहले की अपेक्षा अब मरीज अधिक आ रहे हैं। टेली मेडिसिन सेण्‍टर के द्वारा मरीजों को आनलाइन लखनऊ सेण्‍टर में बैठे हुए चिकित्‍सकों को रेफर कर दिया जाता है। वहां से चिकित्‍सकों को आनलाइन सारी सूचनाएं दी जाती हैं। यहां से मरीज की उंचाई, वजन, ब्‍लड प्रेशर, हार्टबीट के साथ ही ईसीजी तक को चिकित्‍सकों तक पहुंचा दिया जाता है। सारा आंकलन करने के बाद चिकित्‍सक उस मरीज के लिए आवश्‍यक दवाएं लिखते हैं। उनका प्रिंट आउट निकालकर रोगी को दे दिया जाता है। जिसको वे अस्‍पताल के दवा वितरण केन्‍द्र से ले लेते हैं। चिकित्‍सक उन्‍हें जब अगली डेट पर बुलाते हैं तो वे पहुंचते हैं जिससे उनका फालोअप होता है।

*टेलीमेडिसिन सेण्‍टर से मिली है बड़ी राहत*
सीएचसी खलीलाबाद के प्रभारी चिकित्‍साधिकारी डॉ वी पी पाण्‍डेय का कहना है कि सीएचसी खलीलाबाद में स्थित टेली मेडिसिन सेण्‍टर पर इमरजेंसी मरीजों को छोड़कर हर तरह की बीमारियों का इलाज हो रहा है। आनलाइन चिकित्‍सक मरीजों की समस्‍याओं को सुनते हैं तथा उनकी समस्‍याओं का समाधान कर रहे हैं। कोरोना काल में टेली मेडिसिन सेण्‍टर के प्रति लोगों का झुकाव और विश्‍वास दोनो ही बढ़ा है।

*इन रोगों का होता है इलाज*
टेलीमेडिसिन के जिला समन्‍वयक विश्‍वनाथ प्रताप सिंह बताते हैं कि इस सेण्‍टर पर हड्डी रोग, बच्‍चों के रोग, स्किनडर्मा, स्‍त्री व प्रसूति रोग, थायराइड, ब्‍लड प्रेशर, सुगर, घुटने में दर्द आदि के साथ ही साथ अन्‍य साधारण बीमारियों का इलाज होता है। इनके चिकित्‍सक हमेशा टेलीमेडिसिन सेण्‍टर में आनलाइन रहते हैं। एक बार पंजीकरण हो जाने के बाद मरीजों की सूचनाएं उसी में दर्ज होती रहती हैं।

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