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स्‍वच्‍छ रहेंगे हाथ तो पोषक आहार का होगा असर, कोरोना भी होगा बेअसर

स्‍वच्‍छ रहेंगे हाथ तो पोषक आहार का होगा असर, कोरोना भी होगा बेअसर

- सम्‍पूर्ण पोषण पाने के लिए आहार के साथ ही स्‍वच्‍छता भी जरुरी
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निरन्‍तर हाथ धुलने के लिए कर रही हैं प्रेरित



कोरोना काल में चल रहे राष्‍ट्रीय पोषण माह के दौरान पोषण के साथ स्‍वच्‍छता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। कारण यह है कि स्‍वच्‍छता के बिना किसी भी तरह का पोषक आहार पोषण नहीं देगा, बल्कि उससे बीमारी ही फैलेगी। होगा। हाथ स्‍व्‍च्‍छ रहेंगे तो आहार तो पोषण देगा ही, कोरोना भी पूरी तरह से बेअसर होगा।  

यह जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी विजयश्री ने बताया कि जब आहार और आहार को पकड़ने वाले हाथ दोनों स्‍वच्‍छ रहेंगे तभी सही पोषण मिल सकता है। कोरोना काल में हाथों की स्‍व्‍च्‍छता बहुत ही आवश्‍यक है, इसीलिए राष्‍ट्रीय पोषण माह के दौरान पोषण के साथ पहली सीख स्‍वच्‍छता की दी जाती है। पोषण सखियों, मुख्य सेविकाओं तथा अन्‍य संबंधित लोगों को यह दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वेवह गांवों में गृह भ्रमण के दौरान समुदाय लोगों को स्‍वच्‍छता का भी संदेश दें तथा हाथ धुलने के तौर-तरीकों के बारे में जानकारी दें। पूरे जनपद में बच्‍चों, किशोरियो और माताओं को पोषण के साथ ही साथ स्‍वच्‍छता की भी सीख दी जा रही है।

*हाथ धोने का सही तरीका*

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि हाथ धोने का सही तरीका सुमन के फार्मूला है। इसमें सबसे पहले अपने हाथों को गीला करें, उसके बाद साबुन या हैण्‍ड वाश लगाएं, हाथों की ही सफाई के लिए उसे अच्‍छे से मलें, हाथ के किसी हिस्से को न छोड़ें, अंगुलियों के बीच में भी सफाई करें। नाखूनों में जमी गन्‍दगी और मैल का भी इस दौरान सफाया करें, फिर हाथ को पानी से धो लें और उसके बाद किसी साफ कपड़े,तौलिये या टिश्‍यू पेपर से हाथ को पोछें।

*कब - कब धोएं हाथ*

हाथ खाना पकाने से पहले, खाना खाने से पहले, बीमार की सेवा या दवा देने से पहले, चोट लगने के बाद,टॉयलेट जाने के बाद, बच्‍चों की लंगोट ( डायपर ) बदलने और साफ करने के बाद, छींकने, खांसने और नाक साफ करने के बाद, किसी जानवर को छूने या उसे खाना खिलाने के बाद और कचरा छूने के बाद हाथ जरुर धोएं। अगर कोई भी सतह छू रहे हैं तो कोरोना का प्रसार रोकने के लिए हाथों की साबुन से सफाई या फिर सैनेटेजाइजर से सफाई नितांत आवश्यक है।

*बच्‍चों को सिखाया जा रहा हाथ धोने का तरीका*

सुपरवाइजर बाल विकास परियोजना में मुख्य सेविका वन्‍दना सिंह बताती हैं कि बच्‍चों को पोषण के साथ ही हाथ धोने का तरीका भी सिखाया जा रहा है। आंगनबाड़ी संबंधित गतिविधियों में केन्‍द्रों पर पोषण के साथ स्‍वच्‍छता को भी महत्‍व दिया जा रहा है, ताकि बच्‍चों, महिलाओं, किशोरियों, धात्रियों को स्‍वच्‍छता का महत्‍व समझ में आए। जब वह वे स्‍वच्‍छता अपनाएंगे तो उनके पोषण का स्‍तर भी बेहतर होगा।

*पोषक आहार में ताजगी व स्‍वच्‍छता जरुरी – डॉ मुबारक*

जिले के इपीडेमियोलाजिस्‍ट (महामारी रोग विशेषज्ञ) डॉ. मुबारक अली कहते हैं कि आहार में स्‍वच्‍छता और ताजगी दोनों जरुरी हैं। अगर स्‍वच्‍छता और ताजगी नहीं होगा तो पोषक आहार में कितना भी पोषणक्‍यों न हो, वह शरीर के लिए बेकार हो जाएगा। कोरोना काल में तो इसका महत्‍व और भी बढ़ जाता है। ऐसा करने से एक तरफ जहां पोषण मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ वहीं कोरोना भी पास नहीं आएगा। इसलिए कोई भी पोषक आहार लेने से पहले यह जरुरी है कि पोषक आहार पूरी स्‍वच्‍छता के साथ लें। आहार लेने से पहले हाथ को अच्‍छी तरह से अवश्‍य धो लें।

*चित्र परिचय – महिलाओं और बच्‍चों को हाथ धुलने का प्रशिक्षण देती हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता*

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