आमी नदी की साफ सफाई बाँध निर्माण के लिए सत्याग्रह आन्दोलन का संघर्ष जारी -शैलेश कुमार राजभर
संतकबीर नगर:- आमी नदी के बाढ़ से जनपद में हजारों एकड़ धान की फसले नष्ट हो जाती है, बाढ़ से बचाव और फसलों को बचाने के लिए अखिल भारतीय जल सत्याग्रह आन्दोलन नदी की साफ सफाई और नदी के दोनों तरफ बाँध निर्माण के लिए दो बार सांघठ घाट आमी नदी दो बार दरही घाट आमी नदी तीन बार गोनहा घाट आमी नदी में जल सत्याग्रह आन्दोलन के बाद माननीय प्रधानमन्त्री कार्यालय के निर्देश से जिले की तीन सदस्यों वाली टीम गठित होकर सर्वे हुआ था जो कि परियोजना के लिए धन का आवान्टन और कार्यान्वित नहीं हो पाया जिसके लिए जल सत्याग्रह आन्दोलन लगातार संघर्ष कर रहा है उक्त बातें शैलेश कुमार राजभर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय जल सत्याग्रह आन्दोलन ने प्रेस जारी करते हुए कहा कि नदी की साफ सफाई का सर्वे परियोजना सिंचाई विभाग द्वारा बना लिया गया है धन आवान्टन होते ही नदी की साफ सफाई का कार्य शुरु हो जाएगा और बाँध निर्माण के लिए सत्याग्रह आन्दोलन लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय परम पूज्य श्री योगी आदित्य नाथ महराज जी से अति शीघ्र मिलकर बाँध निर्माण से जनता के हितों के विषय में अवगत कराया जायेगा श्री राजभर ने आगे कहा कि आमी नदी गोनहा घाट पर करोड़ो रूपये से पक्का पुल बनकर एप्रोच सड़क के अभाव में दशकों से आसमान में खड़ा था जो कि सैकड़ों वीघा जमीन वन विभाग का पड़ रहा था एप्रोच सड़क निर्माण के लिए पाँच बार जल सत्याग्रह आन्दोलन दो बार जल समाधि आन्दोलन दो बार वन सत्याग्रह आन्दोलन एक बार सड़क सत्याग्रह आन्दोलन और गिरफ्तारी के साथ ही माननीय उच्च न्यायलय के निर्देश पर वन विभाग के जमीन का स्थान्तरण महामहिम राज्यपाल का गजट एवं वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार एवं बखिरा पक्षी विहार से एन ओ सी मिलने के बाद एप्रोच सड़क बनकर विना उद्घाटन के ही आवागमन चालू हुआ जो कि एप्रोच सड़क टूटकर जर्जर हो गया है जिससे आये दिन दुर्घटनाए होती रहती है दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इसके पुनः निर्माण के लिए जल सत्याग्रह आन्दोलन के पहल पर लोक निर्माण विभाग जल्द ही काम शुरू करने के लिए सभी प्रक्रियाए पुरा कर चुका है श्री राजभर ने आगे कहा कि इसी तरह कठिनाइयां नदी मंगेरा पुल का एप्रोच धस गया था जिसमें 25 वर्षीय मोटरसाइकिल चालक गिरकर मौत हो गया था दुर्घटना स्थल पर पहुँचकर जल सत्याग्रह आन्दोलन के पहल पर लोक निर्माण विभाग द्वारा एप्रोच के गड्ढे को तत्काल भरा गया इस अवसर पर सरोजा राजभर राष्ट्रीय प्रवक्ता, हरिश्चन्द राजभर, रामानंद राजभर, रामकरन राजभर आदि रहे ।