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(विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष) अनियमित जीवनशैली से परहेज़ कर ही आएगी मानसिक मज़बूती' -सोनिया# विचार

'(विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष) अनियमित जीवनशैली से परहेज़ कर ही  आएगी  मानसिक मज़बूती' -सोनिया# विचार



●विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष लेख श्रीमती सोनिया जी द्वारा.

●मानसिक स्वस्थ रहना उतना ही जरूरी है जितना कि शारिरिक स्वस्थ रहना.-सोनिया

■आज की भागदौड़ भरी अनियमित जीवनशैली के कारण थकान होना साधारण बात है। शरीर की थकान जब शारीरिक बीमारी का कारण बनती हैं तो हम दवा तथा अन्य उपायों के द्वारा ठीक हो जाते हैं। लेकिन मानसिक थकान हमें मानसिक रूप से बीमार कर सकता हैं मानसिक तौर पर स्वस्थ होने की ओर हमारा ध्यान नहीं जाता है और कई बार पढ़ाई,  काम के बोझ, रिश्तो में दरार, करियर को लेकर हमारी चिंता हमें तनाव देती हैं और यह लंबे समय तक बना रहे तो हम "डिप्रेशन" यानी अवसाद से ग्रस्त हो सकते हैं ऐसे में मेंटल हेल्थ यानी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है 
आज दुनिया में कई कारणों से लोग डिप्रेशन या अन्य मानसिक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं कई बार लोग मानसिक रोग की चपेट में इस प्रकार आ जाते हैं कि उन्हें आत्महत्या के ख्याल भी आने लगते हैं
 ऐसे में विश्व को और भारत में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना बहुत आवश्यक है 
अवसाद  एक ऐसी स्थिति है जिस से बाहर निकलना और नॉर्मल स्थिति मैं अपने आपको लाना कठिन जैसा प्रतीत होता है। किसी भी व्यक्ति के लिए यह  सामान्य है लेकिन यह गंभीर स्थिति हैं 
अवसाद से ग्रसित व्यक्ति भावात्मक तथा शारीरिक समस्याओं का शिकार हो सकता है। अवसाद के कारण व्यक्ति के जीवन में सभी पहलुओं में समस्या पैदा हो सकती हैं और उसका एक सामान्य जीवन असहज बन जाता है।अवसाद मानसिक बीमारियों का सबसे बड़ा कारण होता है अवसाद से बचने के लिए हम अवसाद की वजह जानकर उसका समाधान करें अगर आपको किसी बात की चिंता है तो वजह जानने के बाद उसका समाधान ढूंढने का प्रयास करे। ना कि उसे बढ़ने के इंतजार करें जिससे वह अवसाद का रूप ना ले सके ।
 समस्या का समाधान मिलने के बाद उस पर अमल करना शुरू कर दीजिए इससे आप अवसाद से बच  सकते हैं और किसी मनोचिकित्सक की भी सलाह ले सकते हैं। आत्मविश्वास को पहचान कर और खुद में आत्मविश्वास रखकर भी आप अवसाद से बच सकते हैं। शारीरिक गतिविधियां और व्यायाम पर विशेष ध्यान दें। आहार शैली स्वस्थ रखनी चाहिए ।एक संतुलित आहार शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के साथ ही और अवसाद को भी दूर करता है ।समय समय पर परिवार के साथ समय व्यतीत करना चाहिए। व्यस्त जीवन में अपने लिए समय निकाल कर परिवार के साथ छुट्टियों का आनंद भी ले सकते हैं। जीवन में अच्छे दोस्त बनाएं। अपने सामाजिक जीवन में जागरूक बने।
 किताबों में अपनी रुचि बढ़ाएं, और खुश रहने का प्रयास करें, सभी बीमारियों का उपचार बीमारियों का उपचार योग और स्वस्थ जीवन शैली में निहित है ।जो इंसान अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लेता है वही सबसे बड़ा अमीर है भले ही वह यह बात ना जानता हो। हमारा स्वास्थ्य हमारी सबसे बड़ी दौलत है और इसका एहसास हमें तब होता है जब हम इसको खो देते हैं ।मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को भी सही व्यवहार, सहायता तथा इलाज के द्वारा स्वस्थ किया जा सकता है। "सकारात्मक सोच है तो मानसिक बीमारी दूर है और जो मानसिक शारीरिक रूप से स्वस्थ है वही सुखी है।"

 आज विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर हम अपने आप से कुछ संकल्प लें ताकि जीवन भर आप स्वस्थ और मस्त बने रहें।
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●विचार/लेख- श्री मती सोनिया●

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