गैर कांग्रेस वाद की अलख जगाने के लिए डॉ.लोहिया को कोई भूल नहीं सकता-अधिवक्ता मनमोहन श्री.
युवा भाजपा नेता व जनपद के सुप्रसिद्ध अधिवक्ता श्री मनमोहन श्रीवास्तव का जुने डॉ राम मनोहर लोहिया के पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है राजू ने बताया देश में कांग्रेसी विचारधारा के विपरीत अगर किसी ने आवाज उठाने का साहस किया तो डॉक्टर लोहिया ही थे ।
डॉ लोहिया जैसे सच्चे देशभक्त के बताए राहों पर चलना ही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
श्री मनमोहन ने आगे कहा कि देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे।
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