जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से दुर्घटना बीमा योजना शुरू की गई है, जिसके क्लेम का अब सीधे सरकार भुगतान कर रही है। इसी के तहत तीन महीने पहले फकरुल हसन व्यापारी की मौत के बाद उनकी पत्नी हजारा खातून को 10 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। वाणिज्य कर विभाग के संतकबीर जोन में अभी तक दो व्यापारियों की दुर्घटना से मृत्यु हुई है जिसमे एक को दुर्घटना बीमा का लाभ प्रदान किया गया है तथा दूसरे व्यापारी द्वारा प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है उसे जोन के अपर आयुक्त श्री विमल कुमार राय के माध्यम से लखनऊ भुगतान हेतु भेजा दिया गया है और अभी पेंडिंग में है।
राज्य कर (स्टेट gst) उपायुक्त अधिकारी बिनय कुमार गुप्त जीएसटी कंसलटेंट रितेश श्रीवास्तव की अगुवाई में स्वर्गीय फकरुल हसन की पत्नी हजारा खातून को 10 लाख रुपये का चेक व्यापार मंडल जिला अध्यक्ष सर्वदानंद पांडे कपीश अग्रहरि अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी उपस्थिति में चेक आज प्रदान किया गया है। अधिकारी गणों ने बताया कि व्यापारियों के हित में मुख्यमंत्री दुर्घटना व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना चल रहा है। इस योजना का लाभ उन्हीं को मिलता है जिनका जीएसटी में पंजीयन हो। पंजीकृत व्यापारी की अगर किसी दुर्घटना में मौत होती है तो आश्रित को 10 लाख रुपये दिया जाता है। आश्रित में पत्नी है तो उन्हें या बच्चे हैं तो संयुक्त रूप से सभी बच्चों को बराबर राशि प्रदान की जाती है। लाभार्थी द्वारा यह बताया गया कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा यह योजना व्यापारियों के हित में चलाई गई है इसमें विभाग के समस्त कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा पूर्ण सहयोग किया गया तथा समय से बीमा की धनराशि प्राप्त हुई है यह धनराशि हमारे परिवार के लिए बहुत ही सहयोगात्मक है तथा माननीय मुख्यमंत्री जी को तथा राज्य कर विभाग को बहुत-बहुत धन्यवाद ज्ञापित किया।पहले बीमा कंपनियों की देखरेख में यह योजना संचालित होती थी, जिसके कारण व्यापारियों को लाभ मिलने में देरी होती थी। अब सरकार खुद ही क्लेम दे रही इस अवसर पर मुख्य रूप से अश्वनी कुमार,अलका,अरविंद कुमार,रविन्द्र श्रीवास्तव, दिवाकर,रमेश के साथ सभी कर्मचारी सहित पतंजलि राजेश खेतान सरवन अग्रहरि रितेश श्रीवास्तव तथा सर्वदानंद पनाड्य विनित अमित जैन विनोद जैसवाल मूलचंद इत्यादि लोग मौजूद थे।