पराली के बेहतर प्रबंधन से किसानों को होगा आर्थिक लाभ- सोनिया राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद संत कबीर नगर की शिक्षिका सोनिया ने पराली जलाने की समस्या पर अपना विचार देते हुए कहा कि पराली धान की फसल कटने के बाद बचा बाकी हिस्सा होता है जिसकी जड़ें धरती में होती हैं किसान पकने के बाद फसल का ऊपरी हिस्सा काट लेते हैं क्योंकि वही काम का होता है बाकी अवशेष होते हैं जो किसान के लिए बेकार होता है और वह सूखी पराली को जला देते हैं पराली जलाने से वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है और पिछले कुछ सालों में यह एक नई समस्या के रूप में उत्पन्न हो गया है। पराली जलाने से उनमें से निकलने वाला धुआं पर्यावरण को प्रदूषित करता है । पराली को जलाने से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड तथा कार्बन डाइऑक्साइड गैस से ओजोन परत फट रही है इससे अल्ट्रावायलेट किरणें जो त्वचा के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं सीधे धरती पर पहुंच जाती हैं इस के धुए से आंखों में जलन होती है सांस लेने में दिक्कत हो सकती है तथा फेफड़े की बीमारियां हो सकती हैं पराली जलाने से निकलने वाली जहरीली गैसों से स्वास्थ्य को तो हानि होती ही है साथ ही धर...